वाचलेलं

प्यार कोई बोल नहीं, प्यार आवाज़ नहीं
एक ख़ामोशी है, सुनती है, कहा करती है
न ये बुझती है, न रुकती है, न ठहरी है कहीं
नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है

~@harshbairwa09 

#विश्व_कविता_दिवस  #काव्यरंग

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