वो जो मेरा था

जो खो गया वो खो गया!
जो खो गया वो अपना कभी था ही नहीं!
युही किसी बेवक्त मुलाकात हो गई!
बातो बातो में नजदीकिया बढ़ गयी!


....
वो जो अपना था वो खो गया इस
विराण बस्ती में गुम हो गया!
ढूंढो उसे कोई
जो मेरा था
हा वो सिर्फ मेरा ही था!
वक्त युही कटता गया ..
मिलना बिछड़ना अब
दस्तूर है जिंदगी का
दुबारा मिलना
बार बार मिलना
नशीब है खुशकिस्मती का ?

वो जो था अपना पराया लोगों की झुंड में खो गया !
बीते लम्हों ने कोशिश की है हमें दुबारा मिलाने की ...
अगर ख्वाबों में मिले तो भी खुशकिस्मती ही सही !

@ #vidyamslife

26.3.2022
6.38 pm


0 comments:

Post a Comment

 
Copyright स्वच्छंदी मनाचा प्रवास 2009. Powered by Blogger.Designed by Ezwpthemes .
Converted To Blogger Template by Anshul .