सफर

अपने सफर पे बस्स चलते जाने का नाम जिंदगी है ! जो बहे जा रहीं है अपनी ही मौज में  ना मंजिल है ना रुकती है  कभी! दौड़ जारी है जिंदगी की ! अपने रंग में रंग जाना है ;
जिंदगी को खोजना है ! जो यहीं है अपने ही इंतजार में! न फिक्र है किसी चीज की ना थकती  है बस बहती है अपनी धुन में खो जाती है ... गीत गुनगुनाती है ! कभी मुस्कुराती है ..कभी हसाती है कभी रुलाती है कभी गुदगुदाती है ! बस्स यहीं जिंदगी है! 
वक्त के आगे भी है वक्त के साथ भी है ! न थमती है ना रुकती है ! बस्स चलती रहती है अपने ही धुन में दंग होती है!

#vidya
27 feb 2020

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